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Thursday, May 20, 2021

मजा नहीं है...

हवा से बातें करता अपार्टमेंट में मकां है मेरा
पर आंगन में लगे पेड़ वाले घर सा मजा नहीं है।
मातृ भूमि से इस पेट ने कर दिया दूर
इससे बड़ी तिहाड़ की भी सजा नहीं है।

ऐसी -कूलर वाला स्कूल अब तेरा
पर विद्यालय में पेड़ के नीचे लगी कक्षा जैसी
हवा नहीं है
ठोंकर से फूटे हए अंगूठे पर खेत वाली घास सी दवा नहीं है। 
कटी हुई उंगली की पट्टी में पल्लु वाली दादी और मां की साड़ी नहीं है। 

पायलट पैन हैं तेरा, पर सरकंडे वाली कलम सी बात नहीं है
दवात और खड़िया की अब होती मुलाकात नहीं है। 

हवा से बातें करता अपार्टमेंट में मकां है मेरा
पर आंगन में लगे पेड़ वाले घर सा मजा नहीं है।

गाड़ी और बातें हो गई हैं बड़ी 
पर वो वाली यारी नहीं है 
बैल और बुग्गी की सवारी नहीं है। 

नौकरी है पैसा है, पर सब्र नहीं है
यहां अपना ही खोदता है कब्र यह किसी को खबर नहीं है। 

मार्निंग में फ्रूट है, नाश्ते में जूस है
मेरा पड़ोसी बड़ा कंजूस है
मेरी मुसीबत में वो जाता मुझसे रूठ है।

इससे तो मेरा गांव ही अच्छा था
घर कच्चा था पर रिश्ते में विश्वास तो पक्का था।

हवा से बातें करता अपार्टमेंट में मकां है मेरा
पर आंगन में लगे पेड़ वाले घर सा मजा नहीं है।
मातृ भूमि से इस पेट ने कर दिया दूर
इससे बड़ी तिहाड़ की भी सजा नहीं है।

बनाउंगा घर मैं गांव में 
 न निहाल हो जाउ इस शहर फिजाओं में