Wednesday, December 29, 2010

Hello Friends !!!
We will going to launch a new Hindi News Web Portal "LOKMANCH.COM" .बदलाव की आहट
You are cordially and heartly invited in this Inaugration Ceremony. 
Details are following...
Date -- 01 january २०११ 
Time -- 11 am
Venue -- 13, Firozshah Road, New Delhi near mandi house and patel chowk metro station..


नमस्कार दोस्तों !
हम एक नया हिंदी न्यूज़ वेब पोर्टल शुरू कर रहे हैं !
"लोकमंच.कॉम" बदलाव की आहट  नाम से ये पोर्टल शुरू हो रहा है  जो पत्रकारिता के मानकों के अनुसार सूचना का आदान प्रदान करेगा !! 
आप सभी इसके उद्घाटन समारोह में आग्रहपूर्वक सादर आमंत्रित हैं !
कार्यक्रम की जानकारियां इस प्रकार हैं --- 
तिथि -- शनिवार, 11 जनवरी 2011
समय -- प्रातः 11 बजे 
स्थान -- 13 फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली मंडी  हाउस मेट्रो स्टेशन के निकट
    NIHAL SINGH
   9999470587
  RAMENDRA MISHRA
  9654285764

Sunday, December 26, 2010

कुछ ही समय पुरानी एक कहानी है

कुछ ही समय पुरानी एक कहानी है
दो दिलो के मिलने की एक अजीब सी कहानी है
जो आज आपसे बताने की मन की बात मानी है
पढते- पढते हुई जवा हुई थी एक प्रेम कहानी है
जब नहीं पाता था प्यार का असली अर्थ
जबकि ये हमारी कहानी है
 स्कूल में  दो दिलो के मिलने की
एक स्कूल में बनी थी ये प्रेम कहानी
एक दिन उनके परिचय से जब हमारा परिचय हुआ
छवि बनाई
कुछ दिनों बाद पार्क में मिलना हुआ
क्या वो दिन थे , जब हम साथ थे
दूर रहकर भी वो हमारे और हम उनके पास थे
मोहबत में कुर्बान कर दी हमने अपनी
आज फिर उनकी याद सता रही है
ये दिल की आवाज फिर उन्हें पुकार रही है
लगता है नाराज है वो हमसे
इस दिल की आवाज
नाराजगी का कारण को बतला दो
क्या खता हुई हमे ये तो समझा  दो
नहीं है समय तुमरे पास ये भी बताने का
बस अपनी दिल की नाराजगी तो समझा दो
में इन्तजार करूँगा तुमारा ...
फुर्सत मिले तो आ जाना मेरे दिल को आज भी है तुमारा इन्तजार ...

Wednesday, November 3, 2010

दीपावली से दिवाली का दौर



दीपावली से दिवाली का दौर 
दीपावली का अर्थ सामान्यत  दीपो को जलाकर खुशिया मानाने वाला त्यौहार माना जाता आ रहा है । क्योंकि  भारतीय ग्रंथो व पुराणों की माने तो १४ वर्ष का वनवास को पूरा करने के बाद पुरोशोतम श्री राम रावण का वध  तथा लंका पर विजय प्राप्ति के पश्चात वह अयोध्या लोटे थे , और इस दिन राम के अयोध्या लोटने की खुसी में अयोध्या वाशियों ने अपनी खुसी  जाहिर करने के लिए अपने-अपने घरो में घी के दीपक जलाये थे । जिससे सारी अयोध्या नगरी दीपो की रौशनी म डूब गई थी। 
दीपावली ने अपने कई दौर देखे है । इसमें एक दौर है  90 का जिसमे   हम मिटटी की बनी मूर्तियों की पूजा की जाती थी । व मिटटी के दीपक और सफेद रंग की मोटी मोमबत्ती को जलाया जाता था। और राम के भक्ति संगीत का भी आयोजन किया जाता था, लेकिन जैसे जैसे दीपावली से दीपावली शब्द दिवाली में सिकुड़कर छोटा हो गया है क्यांेकि आज कल जादातर देखा जाता है । कि लोग दीपावली को दिवाली बोलने लगे है, लेकिन वैसे वैसे ही दिवाली मानाने तरीके व रिवाजे में भी बहुत बड़ी संख्या में  बड़ा इजाफा हुआ  है।
चाइनीज दिवाली 
आज हम जब हम आधुनिक होने का दम भरते है । लेकिन  हम बिना चाइनीज वस्तुओ  के कोई भी त्यौहार नहीं मना  सकतें। अब हमारे दीपो की जगह चाइनीज  मोमबत्तिया व बिजली से चलने वाली लड़ियो ने  जगह ले ली है। और यहाँ तक की दीपावली पर जिन देवी -देवताआंे की पूजा की जाती है, वह देवी देवता भी भारतीओं के नहीं है। उनकी जगह भी चाइनीज मुर्तियो ने ले ली है।  अर्थात अब भगवान् भी हमारे  नही है, और इस  समय इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है की हम कितने आधुनिक है ।  अब दिपावली भक्ति संगीत की जगह बॉलीवुड के  तेज धमक वाले गानों का दौर चल पड़ा है । खुशिया जाहिर करने के लिए मिठाइयाॅ बाटी जाती थी, लेकिन मिलावट खोरी के चलते अब हम मिठाइयो की  जगह पर हम कुरकुरे व मुह मीठा करने के लिए चोकलेट व स्नेक्स का भी सहारा ले लेते है
                                                                                                           -निहाल सिंह








Thursday, September 30, 2010

बटोरने की लड़ाई

जैसा कि सबको पता है की ३० सितम्बर २०१० इतिहास बन गया है क्योकि लगभग वर्षो पहले सुरु हुए विवाद का हल आज आगया है और अयोध्या और देश में रहने वाले हर धर्म के नागरिक ने फैसले को स्वीकार करते नजर आ रहे है.और एक रहत भारी साँस ली है क्योकि देश में साम्पदायिक भड़कने की चिंता थी लेकिन अब हर भारतीय एक नए भारत की और बाद रहा है तो उसे अब भारत की न्यायपालिका  पर भरोषा होना भी जायज है|  
लेकिन इस दिन मीडिया चैनेलो में जो टी आर पी बटोरने की होड़ अलग ही दिखाई पड़ रही थी हलाकि सभी मीडिया चैनल टी आर पी  के लिए ही तो ये सब करते है |
लेकिन ३० सितम्बर  को  जो होड़ सभी मीडिया  चैनलो में दिखाई पड़ रही थी वो देखने लायक थी |
अपनी सीमा में रहा मीडिया 











अगर एक दो चैनलो की बात न करे तो लगभग सभी बड़े मीडिया चैनल अपनी सीमा के अन्दर रिपोटिंग करते नजर आये  लेकिन टी आर पी के खेल में फैसला आने से पहले कोई फैसला आने से लगभग १० मिनट पहले ही ५ मिनट में आने वाला है फैसला की फ्लेश लाइन चलाकर दर्शको को दुसरे चैनल पर न जाने पर कामयाब रहा. और कोई ८ विंडो की लाइव खबर चलाकर कामयाब दिख रहा था लेकिन कुछ भी सही अपनी हद में रहकर रिपोटिंग होती नजर आ रही थी कोई मिर्च मशाला नहीं कोई तड़का नहीं ज्यो ज्यो ही परोश दिया दर्शको के सामने
                      

Monday, September 27, 2010

जन्म दिन कि हार्दिक सुभकामनाये

जन्म दिन कि हार्दिक सुभकामनाये
शहीद भगत सिंह का जन्म २७ /०९/१९०७ को हुआ इसलिए सभी भारत वाशियों कि तरफ से आपको हार्दिक सुभकामनाये
हमे आप जैसे धरती माँ के बेटे पर हमेशा  गर्व रहेगा |
चाहे भारत सरकार याद रखे या न रखे  हमे याद है आपका जन्म दिन ..........

Tuesday, September 7, 2010

अपना धर्म और ईमान भूले दिल्ली के सफदरगंज अश्पताल के डॉक्टर

अपना धर्म और ईमान भूले दिल्ली के सफदरगंज अश्पताल के डॉक्टर
जब किसी सरकारी कर्मचारी को देश कि सेवा करने का मौका दिया जाता है तो उससे एक सपथ ली जाती है कि वे देश में इमानदारी और अपने ईमान  को ध्यान में रखकर देश कि सेवा करेगा |
लेकिन शायद अब सफदरगंज  अश्पताल के डोक्टारो को वो सपथ याद नहीं है जिससे ये लगता है कि वे अप ईमान भूल चुके है
और जीने इस दुनिया में भगवान् का दर्जा दिया जाता है अब वो उन लोगो के लिए  सैतान बन चुके है जो लोग ( मरीज ) इलाज के लिए सफदरगंज  अश्पताल में इलाज के लिए इधर उधर भटक रहे है , कोई गर्भवती महिला  है और कोई राजधानी जब डेंगू  एक गंभीर रूप ले चूका है उस समय ये लगभग ७०० डॉक्टर और सभी महिला कर्मी भी अनिचित्कालिन हड़ताल पर चले गए है  , जैसे इन्हें अपने देश की सेवा करने की जो शपथ ली थी इन्हें उसकी कोई परवाह ही नहीं क्या प्रशासन ये भूल गया है की इस शपथ का पालन न  करने पर क्या कदम उठाया जाता  है
 खैर
दिल्ली में सुरक्षा कि मांग करने वाले  सफदरगंज  अश्पताल के के डाक्टरों  को भला अब कोन समझाए कि जिस राजधानी में प्रतिदिन लूटपाट और बलात्कार और चोरी डकेती होती काफी बड़ी मात्र में होती हो |
और जिस  राजधानी में सिर्फ हम उन घटनाओ के सिर्फ मुल्दर्शक बनकर रह जाते है और सरकार सिर्फ कार्यवाही तथा तफ्तीश के वादे करती हो उस राजधानी की सरकार से आप अपने सुराचा के लिए कैसे भरोषा कर सकते है , और जिस देश के बच्चे - बच्चे को जहा पैसे से हर काम हो जाता हो इन पर आप क्या भरोषा करेंगे  |
चलो माना की हॉस्पिटल में आपको मरीजो के परिजनों से दर लगता है लेकिन आप ये सोचिये  की घर में आप किस किस से डरते है ( कही चोरी न हो जाए ) ये दर तो आपको कभी न कभी तो लगता ही होगा
ये सब छोड़िए अब आप अपने इस देश की पब्लिक द्वारा दिए गए सम्मान यानि भगवान् के रूप को धारण कीजिये और और अपने फ़र्ज़ निभाइए नहीं तो आप जानते ही है की जब इंसान का विश्वाश भगवान् से उठता है वो क्या करने प[आर मजबूर होता है |

Friday, September 3, 2010

एक पोस्ट दोस्तों के नाम

ये तो छोटी सी छवि है मेरे दोस्तों की इसकी लिस्ट काफी लाभी है अगली
पोस्ट में और छविय देने की कोसिस की जाएगी 
एक पोस्ट दोस्तों के नाम
दोस्तों आपने दुनिया में दोस्तों के बहुत सी मिशाले सुनी व देखी होंगी में भी एक मिशाल आपके सामने रखने जा रहा हु  की ये मिशाल भी  कृष्ण और सुदामा   की दोस्ती से कम  नहीं हो सकती
बस फर्क इनता है की वो दोस्ती सतयुग में हुई थी और इस समय हमारी दोस्ती कलयुग में हुई है, ये अपने आप में एक खुद आच्मे वाली बात है मेरे दोस्त इस समय भी मुझसे दोस्ती निभा रहे है पाता नहीं में निभा पा रहा हु या नहीं ये बात मुझे भी नहीं पता
लेकिन मेरे दोस्त दोस्ती सही ढंग से निभा रहे है
एक ऐसा ही उदहारण आपको हाल का ही सुनाता हु में पत्रकारिता का  छात्र हु और में इस वर्ष कॉलेज की चुनावी जंग में कुंद गया जिसमे मेरे दोस्तों में मुझसे जादा महनत की और हम कामयाब भी हुए हमें बहुत से लोगो से प्यार और सहयोग मिला में उनका सुकर्यादा करता हु जिन्होंने मुझे इस लायक समझा और मुझे सहयोग किया
मुझे हार जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता किसी विद्वान् ने कहा है की हार जीत कोई मायने नहीं रखती में मैदान में उतरने वाला भी महान होता है इस वाकये से में अपने को महँ नहीं कह रहा हु में बस ये बोलने  का प्रयास कर रहा हु की  हार जीत तो एक ही सिक्के के दो पहलू है बस  हमे तो आगे बदना जिन्दगी बहुत बड़ी है
मुझे इस बात हा दुःख नहीं है की में अपने चुनावों में हार गया मुझे दुःख इस बात का की मेरे दोस्तों की महनत ख़राब हो गई|
और हा जाते जाते दोस्त किसी बही से कम नहीं होते और दोस्तों की तस्वीरे देखने के लिए आप इस लिंक पर क्लीक  करे PAR
आगे तस्वीरे लगे जाएँगी अभी न लगा पाने के लिए माफ़ी क्योकि तस्वीरों अबी किसी कारन लग नहीं पाई है


अभी बाकी है अगली पोस्ट में ....................