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Wednesday, February 8, 2012

भड़ास पर प्रोजेक्ट करने के बाद

 भड़ास पर रिसर्च : पत्रकारिता छात्र निहाल ने प्रोजेक्ट पूरा किया

भड़ास अब शोध का विषय भी बन चुका है. खासकर मीडिया के स्टूडेंट्स के लिए. अपनी स्थापना के कुछ ही वर्षों में पूरे देश के मीडिया जगत फिर वेब संसार में चर्चा का केंद्र बन जाने वाले बेबाक और तेवरदार मीडिया न्यूज पोर्टल भड़ास4मीडिया पर रिसर्च का काम मिला था पत्रकारिता के छात्र निहाल सिंह को. वे दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम के छात्र हैं. डीयू से जुड़े कालेज के पत्रकारिता विभाग ने निहाल को जो प्रोजेक्ट सौंपा उसका नाम है- ''भड़ास4मीडिया डॉट कॉम पर (अक्टूबर 2011) समाचारों के प्रस्तुतीकरण का अध्ययन.''
निहाल ने फेसबुक पर अपने रिसर्च वर्क के कवर पेज को भी अपलोड किया है जो यूं है...
उनके शोध निदेशक हैं प्रदीप कुमार सिंह. शोधार्थी निहाल के रिसर्च के सब्जेक्ट को उनके निदेशक प्रदीप के ओके कर दिया. फिर निहाल ने अपने निदेशक के निर्देशन में भड़ास ब्लाग शुरू किए जाने से लेकर भड़ास4मीडिया की स्थापना तक का इतिहास भूत वर्तमान खंगालना शुरू किया. इस क्रम में उन्होंने हजारों वेब पेजेज तलाशे और पढ़े. फिर अक्टूबर 2011 महीने में समाचारों का प्रस्तुतीकरण भड़ास4मीडिया पर किस तरह किया गया, इस पर बारीकी से निगाह रखकर अध्ययन किया. इस क्रम में उन्होंने भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह से संपर्क कर उन्हें दर्जन भर से ज्यादा सवाल मेल किए, जिनके जवाब मेल से ही यशवंत ने निहाल को भेज दिया. पत्रकार प्रदीप महाजन ने भी निहाल को उनके शोध कार्य में सलाह व मदद दी.

शोध छात्र निहाल
शोध छात्र निहाल
निहाल ने अपना रिसर्च वर्क कंप्लीट कर आज अपने शोध निदेशक के यहां सबमिट कर दिया है. इस खुशी को उन्होंने फेसबुक पर अपने दोस्तों के बीच कुछ यूं बयान किया है-  ''आखिर प्रोजेक्ट पूरा हो ही गया... दोस्तों लगभग पिछले एक महीने से भड़ास4मीडिया पर शोध कर रहा था जो आज पूरा हो गया... इस शोध को करने में अपने मित्रों के साथ-साथ आभारी हूं मेरे गुरु सामान प्रदीप महाजन जी का और और बड़े भाई व भड़ास के संपादक यशवंत सिंह का जिनके मार्गदर्शन की वजह से मैं इस शोध कार्य को पूरा कर पाया... दोस्तों इस शोध को करने में कई रात मैंने अपने कंप्यूटर के साथ गुजार दी.''