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Sunday, April 27, 2014

मुफ्त इलाज से पहले ही कट जाती है मरीजों की जेब




-इलाज मुफ्त पर पार्किंग शुल्क से परेशान रहते है मरीज
- अस्पतालों के बाहर पार्किंग शुल्क से परेशान मरीज
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घंटे के हिसाब से लिया जाता है पार्किंग शुल्क
नई दिल्ली २६ अप्रैल (निहाल सिंह) दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज देने के बावजूद मरीजों की जेब काटी जा रही है। इलाज शुरु होने से पहले ही मरीजों को अस्पताल में दाखिल होने का शुल्क चुकाना पड़ता है। यमुनापार के अस्पतालों में पार्किंग के नाम पर मरीजों से समय-सीमा के तहत पैसे वसूले जा रहे हैं। गुरूतेग बहादुर (जीटीबी) और हेडग़ेवार आरोग्य संस्थान में भले ही मुफ्त इलाज की सुविधा है, लेकिन मरीजों को पार्किंग के लिए दस रुपए से लेकर पचास रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। यह राशि तब दोगुनी हो जाती  है जब अस्पताल के आस- पास स्थित दवा की दुकानों में मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाईयां नहीं मिलती।

चुनकर उठाकर ले जाते हैं वाहनपूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार गुरूतेग बाहदुर और हेड़गेवार आरोग्य संस्थान में पार्किंग शुल्क परेशानी का सबब बना हुआ है। इन अस्पतालों में अगर मरीज या उनके रिश्तेदार पार्किंग शुल्क न दे तो उनकी गाड़ी को ट्रैफिक पुलिस के वाहन चुनकर उठाकर ले जाते हैं। जीटीबी अस्पताल में अपनी भाभी को देखने आए प्रकाश ने बताया कि अस्पताल में वह तीन में तीन बार किसी न किसी काम से अपने मरीज के पास आए तो तीनों बार उन्हें पार्किंग की फीस चुकानी पड़ी। वहीं दूसरे एक अन्य मरीज के रिश्तेदार रोशन का कहना है कि वह लम्बे समय से देख रहे कि जो लोग पार्किंग न देकर पार्किंग स्थल वाली जगह पर पार्किंग लगाते हैं उनकी गाड़ी को ट्रैफिक पुलिस वाले चुन- चुन कर उठाकर ले जाते है। उनका कहना था एक तो वह अपने मरीज का इलाज बड़ी मुश्किल से करवा पा रहे दूसरी और बार – बार पार्किंग के नाम पर वसूली से उन्हें काफी परेशानी होती है। रोशन का कहना था कि अस्पताल में कम से कम मरीज के साथ एक व्यक्ति को पार्किंग की निशुल्क सेवा मिलनी चाहिए।
गेट बंद करके वसूली जा रही है पार्किंगकड़कड़डूमा हेडगेवार आरोग्य संस्थान में पार्किंग माफिया का इस तरह से कब्जा है कि यहां अस्पताल का गेट बंद करके उसके सामने खुले आम अवैध पार्किंग लगवाई जा रही है। अस्पताल के गेट एक गेट को बंद करके या पार्किंग का शुल्क वसूला जा रहा हैं। नाम न छापने की शर्त पर अस्पताल के एक कर्मचारी का कहना है कि यह गेट अस्पताल के आपातकाली वार्ड को जोड़ता है, लेकिन यहा पार्किंग लगना अस्पताल प्रशासन से मिली भगत को दर्शाता है।