Saturday, February 26, 2011

भ्रष्टाचार से भारत कैसे मुक्त हों ? पार्ट वन

देश में दिन प्रतिदिन भ्रष्टाचार  के नित नए मामले प्रकाश में आ रहे है | जिससे दुनिया में भारत की बहुत किरकरी हो रही है जिसके कारन देश की आन और शान पर खतरा मंडरा रहा है, अब बात ये की इस केंसर रुपी  बीमारी को कैसे दूर किया जाये इसको लेकर देश एक पहल की जरुरत है ..... इसके लिए अखिल भारतीय पत्रकार द्वारा आयोजित एक प्रतियोगता  आयोजित की गई थी जिसमे भ्रष्टाचार को भारत से दूर करने लिए पत्रकारिता के छात्रों द्वारा लेख हम आपके सामने कड़ी दर कड़ी आपके सामने पेश करेंगे ..  तो आज पेश है दिल्ली विशाविध्यालय में रामलाल आनंद कालेज से  पत्रकारिता का अध्यन कर रहे नितेश कुमार राय का लेख प्रस्तुत है....
भारत को भ्रष्टाचार पूरी तरह से जकड़ चुका है। चपरासी से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी और नेता तक भ्रष्टाचार में लिप्त है। ऐसे में भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना कठिन कार्य है। भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए सर्वप्रथम देश के प्रत्येक नागरिक को व्यक्तिगत दृढ़संकल्प लेना होगा कि वह न तो कभी भ्रष्टाचार करेगा और न ही भ्रष्टाचार को देखकर कभी चुप बैठेगा तब जाकर भारत को इस रोग से बचाया जा सकता है।
  भ्रष्टाचार से निबटने के लिए देश के नागरिको को शिक्षित करने के साथ-साथ उनके अधिकारों व कर्तव्यों की शिक्षा भी देनी होगी। आज भारतीयों के मानवीय मूल्यों और नैतिक मूल्यों में गिरावट आ गयी है जिसके कारण लोगों में भ्रष्टाचार करने की प्रवृति बढ़ गयी है। भ्रष्टाचार करने वाले लोगों की ज्वाबदेही सुनिश्चित की जाये तथा उन पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए। ऐसा कृत्य करने वालों के लिए नियम और कानून कठोर होने चाहिए कि वह कोई भी समाजविरोधी कार्य करने से पहले एक बार सोचने को मजबूर हो। ऐसे मामलों का निपटारा एक निश्चित समय में किया जाना चाहिए।
  सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को लोगों के लिए और भी आसान बनाया जाना चाहिए। आजकल इस अधिकार का उपयोग करने वाले लोगों को भ्रष्टाचारियों द्वारा जान-माल की धमकियाँ दी जा रही है। ऐसे में इस अधिकार का उपयोग करने वाले लोगों का नाम-पता गोपनीय रखने के लिए एक अलग विभाग की स्थापना की जानी चाहिए ताकि इस विभाग के माध्यम से लोग इस अधिकार का उपयोग भ्रष्टाचार को रोकने में कर सके।
  आज भारत में युवाओं की एक बहुत बड़ी फौज तैयार है।भ्रष्टाचार से भारत को मुक्त कराने में युवाओं के सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है। युवा ही देश का भविष्य है।क्योंकि आज का युवा ही कल का चपरासी से लेकर अधिकारी, नेता और प्रधानमंत्री बनेगा। ऐसे में जब तक इस कार्य को युवा अपनें हाथ में नही लेगा तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाना नामुमकिन है।
 भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए सरकार को चाहिए कि आम नागरिकों, समाजसेवकों और बुद्धजीवियों को मिलाकर एक ऐसे संगठन का निर्माण करे जो भ्रष्टाचाार के खिलाफ निगरानी का कार्य करे। इस संगठन में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप न हो। यह संगठन सिर्फ न्यायपालिका के प्रति ज्वाबदेह हो। इस संगठन का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ सामाजिक होना चाहिए। इस संगठन के पदाधिकारियों का चुनाव लोकतंात्रिक तरीके से हो। इस संगठन का सदस्य वह भारत का हर नागरिक हो सकता है जो भ्रष्टाचार से लड़ने में देश की सेवा निः स्वार्थ भाव से करना चाहता हो। संगठन का कार्य भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हो तथा उसकी शिकायत सीधे न्यायपालिका को करना चाहिए। ऐसे शिकायतों को फास्ट ट्रैक अदालतों के जरिए तुरंत निबटाना चाहिए।
      अतः भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए देशवाशियों को स्वयं दृढ़संकल्प लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना होगा। 

Sunday, January 9, 2011

दिल्ली नगर निगम भी फेसबुक पर

 दिल्ली नगर निगम भी फेसबुक पर
आधुनिक युग में हर सेवा को आधुनिक बनाने का प्रयास किये जा रहे है.  पहले
तो सिर्फ  निजी संस्थान या निजी कार्यालय से ही आधुनिक सेवा मिल पाती थी
लेकिन जब जमाना सोशल नेट्वोर्किंग से चलने लगा हो तो अब भला  सरकारी
कार्यालय फिर इसमें कैसे पीछे रह सकते हैं. अब वह भी निजी संस्थानों की
तरह अपनी सेवाओं  को चुस्त करना चाहते है  और फिर ऐसे कदमो में दिल्ली
वाले कैसे पीछे रह सकते हैं.  अब तो आप समझ ही गए होंगे कि  हम किसके
बारे में बात कर रहे हैं.   तो आपने सही समझा हम दिल्ली नगर निगम की
फेसबुक सेवा की बात कर रहे है जो हाल ही में शुरू  की गई है जिसमे अप
बिना किसी सरकारी दफ्तर के धक्के  खाए अपनी समस्या दिल्ली नगर निगम के
बड़े अधिकरियो तक पंहुचा सकते हैं.    इसका तरीका भी काफी सरल है इसके
लिए बस आपको अपने फेसबुक खाते में जाकर  दिल्ली नगर निगम  का लिंक पेज
खोलना है जिससे चंद सेकंड में आपकी शिकायत नगर निगम के  बड़े अधिकारियों
तक पहुँच  जाएगी और दिल्ली नगर निगम क बड़े अधिकारी आपकी समस्या का  जबाब
भी लगभग  २४ घंटे में दे देंगे  तो है ना कितना आसान  अब दिल्ली नगर निगम
में शिकायत  दर्ज करना |

 दिल्ली वालों  को  रास आ रहा है फेसबुक

जब दिल्ली नगर निगम ने सेवा शुरू  कर ही दी है तो भला इसमें दिल्ली वाले
कैसे पीछे रह सकते है
कुछ ही दिन पहले  शुरू  की गई फेसबुक की इस सेवा का दिल्ली वाले जमकार
फ़ायदा उठा रहे हैं.  अब तक लगभग १८०० दिल्ली वासियों ने इस सेवा को पसंद
किया है और इसमें १५० के आस पास तस्वीरें इस सेवा की वाल पर पेस्ट की जा
चुकी है  जिसमे दिल्ली वालो का रुझान इस तरफ बढता नजर आ रहा है
तो अब वो दिन दूर नहीं की जब दिल्ली नगर निगम शिकायत  दर्ज होने क बाद २४
घंटे हल भी निकाल  देगी

चुनावी पैतरा भी खेल रहा है दिल्ली  नगर निगम

जब चुनाव सिर पर हो  तो सारे  चुनावी दल उसकी तैयारी में बहुत पहले से ही
लग जाते हैं.    लगभग एक वर्ष बाद नगर निगम के  चुनाव होने है और इसके
लिए नगर निगम में सत्ता में  रही भाजपा दोबारा सत्ता में आने  की कोई कसर
नहीं छोडना  चाहती  इसलिए ऐसी  सेवा की शुरूआत  करके दिल्ली नगर निगम
जनता का ध्यान  आकर्षित कर रही है लेकिन कुछ भी मान लीजिये चाहे चुनाव के
 बहाने ही  जनता को फ़ायदा तो हो ही रहा है 

Wednesday, December 29, 2010

Hello Friends !!!
We will going to launch a new Hindi News Web Portal "LOKMANCH.COM" .बदलाव की आहट
You are cordially and heartly invited in this Inaugration Ceremony. 
Details are following...
Date -- 01 january २०११ 
Time -- 11 am
Venue -- 13, Firozshah Road, New Delhi near mandi house and patel chowk metro station..


नमस्कार दोस्तों !
हम एक नया हिंदी न्यूज़ वेब पोर्टल शुरू कर रहे हैं !
"लोकमंच.कॉम" बदलाव की आहट  नाम से ये पोर्टल शुरू हो रहा है  जो पत्रकारिता के मानकों के अनुसार सूचना का आदान प्रदान करेगा !! 
आप सभी इसके उद्घाटन समारोह में आग्रहपूर्वक सादर आमंत्रित हैं !
कार्यक्रम की जानकारियां इस प्रकार हैं --- 
तिथि -- शनिवार, 11 जनवरी 2011
समय -- प्रातः 11 बजे 
स्थान -- 13 फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली मंडी  हाउस मेट्रो स्टेशन के निकट
    NIHAL SINGH
   9999470587
  RAMENDRA MISHRA
  9654285764

Sunday, December 26, 2010

कुछ ही समय पुरानी एक कहानी है

कुछ ही समय पुरानी एक कहानी है
दो दिलो के मिलने की एक अजीब सी कहानी है
जो आज आपसे बताने की मन की बात मानी है
पढते- पढते हुई जवा हुई थी एक प्रेम कहानी है
जब नहीं पाता था प्यार का असली अर्थ
जबकि ये हमारी कहानी है
 स्कूल में  दो दिलो के मिलने की
एक स्कूल में बनी थी ये प्रेम कहानी
एक दिन उनके परिचय से जब हमारा परिचय हुआ
छवि बनाई
कुछ दिनों बाद पार्क में मिलना हुआ
क्या वो दिन थे , जब हम साथ थे
दूर रहकर भी वो हमारे और हम उनके पास थे
मोहबत में कुर्बान कर दी हमने अपनी
आज फिर उनकी याद सता रही है
ये दिल की आवाज फिर उन्हें पुकार रही है
लगता है नाराज है वो हमसे
इस दिल की आवाज
नाराजगी का कारण को बतला दो
क्या खता हुई हमे ये तो समझा  दो
नहीं है समय तुमरे पास ये भी बताने का
बस अपनी दिल की नाराजगी तो समझा दो
में इन्तजार करूँगा तुमारा ...
फुर्सत मिले तो आ जाना मेरे दिल को आज भी है तुमारा इन्तजार ...

Wednesday, November 3, 2010

दीपावली से दिवाली का दौर



दीपावली से दिवाली का दौर 
दीपावली का अर्थ सामान्यत  दीपो को जलाकर खुशिया मानाने वाला त्यौहार माना जाता आ रहा है । क्योंकि  भारतीय ग्रंथो व पुराणों की माने तो १४ वर्ष का वनवास को पूरा करने के बाद पुरोशोतम श्री राम रावण का वध  तथा लंका पर विजय प्राप्ति के पश्चात वह अयोध्या लोटे थे , और इस दिन राम के अयोध्या लोटने की खुसी में अयोध्या वाशियों ने अपनी खुसी  जाहिर करने के लिए अपने-अपने घरो में घी के दीपक जलाये थे । जिससे सारी अयोध्या नगरी दीपो की रौशनी म डूब गई थी। 
दीपावली ने अपने कई दौर देखे है । इसमें एक दौर है  90 का जिसमे   हम मिटटी की बनी मूर्तियों की पूजा की जाती थी । व मिटटी के दीपक और सफेद रंग की मोटी मोमबत्ती को जलाया जाता था। और राम के भक्ति संगीत का भी आयोजन किया जाता था, लेकिन जैसे जैसे दीपावली से दीपावली शब्द दिवाली में सिकुड़कर छोटा हो गया है क्यांेकि आज कल जादातर देखा जाता है । कि लोग दीपावली को दिवाली बोलने लगे है, लेकिन वैसे वैसे ही दिवाली मानाने तरीके व रिवाजे में भी बहुत बड़ी संख्या में  बड़ा इजाफा हुआ  है।
चाइनीज दिवाली 
आज हम जब हम आधुनिक होने का दम भरते है । लेकिन  हम बिना चाइनीज वस्तुओ  के कोई भी त्यौहार नहीं मना  सकतें। अब हमारे दीपो की जगह चाइनीज  मोमबत्तिया व बिजली से चलने वाली लड़ियो ने  जगह ले ली है। और यहाँ तक की दीपावली पर जिन देवी -देवताआंे की पूजा की जाती है, वह देवी देवता भी भारतीओं के नहीं है। उनकी जगह भी चाइनीज मुर्तियो ने ले ली है।  अर्थात अब भगवान् भी हमारे  नही है, और इस  समय इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है की हम कितने आधुनिक है ।  अब दिपावली भक्ति संगीत की जगह बॉलीवुड के  तेज धमक वाले गानों का दौर चल पड़ा है । खुशिया जाहिर करने के लिए मिठाइयाॅ बाटी जाती थी, लेकिन मिलावट खोरी के चलते अब हम मिठाइयो की  जगह पर हम कुरकुरे व मुह मीठा करने के लिए चोकलेट व स्नेक्स का भी सहारा ले लेते है
                                                                                                           -निहाल सिंह








Thursday, September 30, 2010

बटोरने की लड़ाई

जैसा कि सबको पता है की ३० सितम्बर २०१० इतिहास बन गया है क्योकि लगभग वर्षो पहले सुरु हुए विवाद का हल आज आगया है और अयोध्या और देश में रहने वाले हर धर्म के नागरिक ने फैसले को स्वीकार करते नजर आ रहे है.और एक रहत भारी साँस ली है क्योकि देश में साम्पदायिक भड़कने की चिंता थी लेकिन अब हर भारतीय एक नए भारत की और बाद रहा है तो उसे अब भारत की न्यायपालिका  पर भरोषा होना भी जायज है|  
लेकिन इस दिन मीडिया चैनेलो में जो टी आर पी बटोरने की होड़ अलग ही दिखाई पड़ रही थी हलाकि सभी मीडिया चैनल टी आर पी  के लिए ही तो ये सब करते है |
लेकिन ३० सितम्बर  को  जो होड़ सभी मीडिया  चैनलो में दिखाई पड़ रही थी वो देखने लायक थी |
अपनी सीमा में रहा मीडिया 











अगर एक दो चैनलो की बात न करे तो लगभग सभी बड़े मीडिया चैनल अपनी सीमा के अन्दर रिपोटिंग करते नजर आये  लेकिन टी आर पी के खेल में फैसला आने से पहले कोई फैसला आने से लगभग १० मिनट पहले ही ५ मिनट में आने वाला है फैसला की फ्लेश लाइन चलाकर दर्शको को दुसरे चैनल पर न जाने पर कामयाब रहा. और कोई ८ विंडो की लाइव खबर चलाकर कामयाब दिख रहा था लेकिन कुछ भी सही अपनी हद में रहकर रिपोटिंग होती नजर आ रही थी कोई मिर्च मशाला नहीं कोई तड़का नहीं ज्यो ज्यो ही परोश दिया दर्शको के सामने
                      

Monday, September 27, 2010

जन्म दिन कि हार्दिक सुभकामनाये

जन्म दिन कि हार्दिक सुभकामनाये
शहीद भगत सिंह का जन्म २७ /०९/१९०७ को हुआ इसलिए सभी भारत वाशियों कि तरफ से आपको हार्दिक सुभकामनाये
हमे आप जैसे धरती माँ के बेटे पर हमेशा  गर्व रहेगा |
चाहे भारत सरकार याद रखे या न रखे  हमे याद है आपका जन्म दिन ..........